खौफ – द डिजिटल वॉर : साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता की लघु फिल्म

मनोज कुमार अग्रवाल पत्थलगांव जशपुर। जशपुर पुलिस द्वारा समाज को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बनाई गई लघु फिल्म ‘खौफ दि डिजिटल वॉर’ इन दिनों चर्चा में है। यह फिल्म ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को सतर्क रहने का संदेश देती है। इस लघु फिल्म को एसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह द्वारा लिखा, निर्देशित और अभिनीत किया गया है, जो इसे खास बनाता है।

आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट और स्मार्टफोन का उपयोग तेजी से बढ़ा है, वहीं साइबर अपराध भी लगातार बढ़ रहे हैं। कई लोग अनजाने में ठगी का शिकार हो जाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जशपुर पुलिस ने इस लघु फिल्म का निर्माण किया है, ताकि आम जनता को जागरूक किया जा सके और वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें। लघु फिल्म में दिखाया गया है कि साइबर अपराधी किस तरह फर्जी कॉल, लिंक, डळढ या बैंक डिटेल्स के माध्यम से लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। कहानी केजरिए यह संदेश दिया गया है कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से ऐसे अपराधों से बचा जा सकता है।
इस फिल्म में पत्थलगांव के युवा कलाकार प्रवीण अग्रवाल ने भी अभिनय कर अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया है। उनके प्रभावशाली अभिनय ने फिल्म को और अधिक प्रभावी बनाया है तथा यह दशार्ता है कि स्थानीय प्रतिभाएं भी सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्णविषयों पर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। जशपुर पुलिस द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती है। साइबर अपराधी लोगों को डराकर यह झूठ बोलते हैं कि उन्हें ऑनलाइन गिरफ्तार कर लिया गया है, और फिर उनसे पैसे या निजी जानकारी मांगते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल, मैसेज या वीडियो कॉल से घबराएं नहीं और तुरंत इसकी सूचना पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।
खौफ द डिजिटल वॉर का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें। जशपुर पुलिस की यह पहल समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। यह लघु फिल्म न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी देती है। समाज के सभी लोगों से अपील की गई है कि वे इस फिल्म को देखें और दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाया जा सके।



