ख्रीस्त राजा पर्व ,पर मसीही समुदाय ने शहर में निकली भव्य शोभा यात्रा ,विभिन्न मोहल्लों के ग्रुप के रूप में भी हुए शामिल

पत्थलगांव।
पत्थलगांव में रविवार को ख्रीस्त राजा पर्व बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। ईसाई समुदाय द्वारा हर वर्ष नवंबर के अंतिम रविवार को मनाए जाने वाला यह पर्व इस बार भी पूरे धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। त्योहार की मुख्य आकर्षण रही भव्य शोभायात्रा और बंदियाखर गिरजाघर में आयोजित विशेष मिस्सा पूजा, जिसमें शहर और ग्रामीण क्षेत्र से भारी संख्या में
श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। सुबह 7 बजे बंदियाखर स्कूल प्रांगणसे शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। पल्ली पुरोहित फादर के नेतृत्व में निकली यह शोभायात्रा बस स्टैंड, चौक से वापस गिरजाघर तक पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सामूहिक प्रार्थना-पाठ करते हुए आगे बढ़ रहे थे।
वहीं परी की पोशाक पहने छोटे-छोटे बच्चों

ने पूरे मार्ग में पुष्पवर्षा कर माहौल को उत्साह और आनंद से भर दिया। पूरी शोभा यात्रा के दौरान प्रभु ईसा मसीह के भजन ,गीत एवं जयकारे गूंजते रहे। फादर ने जानकारी दी कि
ईसाई पूजन पद्धति में हर वर्ष नवंबर के अंतिम रविवार को ख्रीस्त राजा पर्व के रूप में मनाया जाता है, जिसके बाद नए पूजन वर्ष की शुरुआत मानी जाती है। यह पर्व ईसा मसीह के उस आध्यात्मिक राज्य की घोषणा का प्रतीक है, जो सांसारिक सत्ता जैसा नहीं, बल्कि मनुष्य के हृदय में शांति, न्याय, प्रेम, सत्य, भाईचारा और समानता जैसे पवित्र मूल्यों की स्थापना करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को इन मूल्यों को आत्मसात कर समाज में प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। संत इग्नासियुस चर्च, शांति भवन में विशेष मिस्सा पूजा संपन्न शांति की कामना की। हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रभु की कृपा और
ईसाई समाज की बड़ी भागीदारी, संगठनों का भी सहयोग
शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए ईसाई धर्मावलंबियों ने भी शोभायात्रा में सक्रिय रूप से भाग लिया। परंपरागत वेशभूषा, भक्ति गीतों और प्रतीकात्मक झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम की सफलता में काथलिक सभा कार्यकारिणी, महिला संघ और युवा संघ का विशेष योगदान रहा। इन संगठनों के सदस्यों ने शोभायात्रा की व्यवस्थाओं, अनुशासन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समुदाय के नेताओं और पुरोहितों ने सभी उपस्थित सदस्यों से समाज में शांति, प्रेम और एकता
को बनाए रखने का संकल्प दोहराने की अपील की। साथ ही बताया गया कि 1 दिसंबर से आगमन काल की शुरुआत होगी। इस दौरान ईसाई समुदाय विभिन्न घरों और परिवारों से मिलकर ईसा मसीह के आगमन का संदेश साझा करेगा और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से क्रिसमस उत्सव की तैयारी करेगा। ख्रीस्त राजा पर्व के अवसर पर शहर में पूरे दिन आध्यात्मिकता और आनंद का वातावरण छाया रहा। भव्य शोभायात्रा, मिस्सा पूजा और श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी ने इस पर्व को यादगार बना दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा।



