शनिवार को अवकाश,से शासकीय कामकाज प्रभावित ,हितग्राही मूलक योजनाओ पर भी असर दिख रहा

जशपुर,। छग में शनिवार को शासकीय अवकाश होने की वजह से सरकारी कामकाज बेहद प्रभावित नजर आने लगी है जिसका असर आम जनता पर पड़ रहा है।दरअसल सूत्र बताते है की दूर दराज के अधिकांश कर्मचारी शुक्रवार के आधा टाईम से ही सरकारी कार्यालयों ने फारिग होकर गृह ग्राम की और रवाना हो जाते है और शनिवार रविवार की छुट्टी व्यतीत कर सोमवार की दोपहर को कार्यालय पहुंचते हैऔर अगले दिन याने मंगलवार को अधिकतर जिलों में टी एल मीटिंग होती है।कुल मिलाकर हफ्ते में 3 से 4 दिन ही कामकाज हो पाता है वो भी कभी कुछ विभागीय जानकारी आदि कार्यो में व्यस्त हो जाते है एवम फिर अधिकारी अपने विभाग की मीटिंग लेते है साप्ताहिक या मासिक,जिसकी वजह से सरकारी कामकाज खासकर हितग्राहियों से जुड़े कामकाजो पर बेहद प्रभाव पड़ रहा है जिससे आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर काटने के अलावा कोई रास्ता नही रहता वही अप्रैल के महीने में कई त्योहारों और महत्वपूर्ण तिथियों के कारण कई छुट्टियां ने फिर इस अप्रेल महीने में शासकीय कामकाज की गति को रुकावट उत्पन्न करती नजर आ रही हैं. गौरतलब है कि बच्चों को हर रविवार और शनिवार को छुट्टी के साथ ही अप्रैल में गुड फ्राइडे, ईदरमजान जैसे कई बड़े त्योहारों के चलते कार्यालयों में अधिकांश दिन ताला बंद रहने के आसार है विदित हो की 1 अप्रैल को शनिवार एव 2 अप्रैल को रविवार का अवकाश है,4 अप्रैल को महावीर जयंती का अवकाश है,7 अप्रैल को गुड फ्राइडे फिर 8 अप्रैल को शनिवार एव 9 अप्रैल को रविवार का अवकाश है,14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर अवकाश है फिर से 15 अप्रैल को शनिवार एव 16 अप्रैल को रविवार का अवकाश है, 22 अप्रैल को ईद-उल-फितर और शनिवार भी है साथ ही 23 अप्रैल को रविवार का अवकाश है, 29 अप्रैल को शनिवार एव 30 अप्रैल को रविवार का अवकाश है बता दें कि अप्रेल महीने में रविवार और शनिवार को कई स्कूलों में छुट्टी होने के कारण शनिवार-रविवार की कुल छुट्टियों की संख्या 10 हो गई है. इसके साथ ही महावीर जयंती, गुड फ्राइडे, रमजान, ईद और अम्बेडकरजयंती पर भी छुट्टियां हैं. इसलिए लगभग 15 दिन की छुट्टियां हैं. इस तरह लगभग पुरे महीने में 15 दिन की छुट्टियां हो जाने से प्रदेश में सरकारी कामकाज की गति क्या होगी इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। विदित हो कि शासन ने शनिवार की छुट्टी की घोषणा तो की लेकिन उसके एवज में कार्यलयों का समय सुबह 10बजे किया लेकिन शासकीय कार्यालयों में आज भी वही पुराना ढर्रा चल रहा है 10 बजे तो ईक्का दुक्का अधिकारी कर्मचारी ही पहुँचते है अपने कार्यालयों पर ,इसकी पड़ताल उच्चाधिकारी कभी भी कर सकते है,



